नशे का नाश

          नशाखोरी और देश के युवा
 पश्चिमी सभ्यता की ओर  हमारा देश किस तरह आकर्षित हो रहा है , इससे सभी भलीभांति परिचित है। इस पाश्चात्य संस्कृति की ओर हमारे देश का युवा वर्ग सबसे अधिक आकर्षित होते है। अपनी भारतीय संस्कृति छोड़ पाश्चात्य संस्कृति के पीछे भागते है। नशाखोरी भी इसमें से एक है।  नशाखोरी भी देश की एक बड़ी समस्या है। नशा एक ऐसी समस्या  है जिससे नशा करने वालों का वर्तमान और भविष्य के साथ साथ उसका परिवार भी बर्बाद हो जाता है ।

आज नशा से सबसे ज्यादा युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है।  नशा कई तरह का होता है जैसे शराब , सिगरेट, अफीम , गांजा, हेरोइन, चरस है। नशा एक ऐसी आदत है, जो किसी इंसान को पड़ जाए तो वो इंसान को दीमक की तरह खोखला कर देती है , इंसान को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर देती है। नशा करने वाला व्यक्ति, अपने घर , परिवार और समाज के लिए बोझ बन जाता है।

नशे  के कारण इंसान को अपने अच्छे और बुरे का भी पता नही चलता। नशा इंसान को राक्षस बना देता है। सरकार  एक तरफ तो नशे को दूर करने के सैकड़ों उपाय करती है ओर दूसरी ओर शराब के ठेके को लाइसेंस देती है।

इस नशे रूपी रावण का अंत सिर्फ और सिर्फ ज्ञान से ही होगा जिसका बीड़ा उठाया है संत रामपाल जी महाराज ने। संत रामपाल जी महाराज के लाखों अनुयायी नशा करना तो दूर नशे को छूते तक नही है और न ही किसी को लाकर देते है । अगर इस देश को नशे रूपी दानव से बचाना है तो संत रामपालजी  महाराज का सत्संग सभी tv चैनल पर अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
"अब सच होगा सबका सपना, नशा मुक्त होगा भारत अपना।"
https://youtu.be/gDN2z94AJ0c

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