कलयुग में सतयुग
कलयुग
कलयुग हिन्दू काल गणना में चार युगों की अवधारणा में चौथा व अंतिम युग हैं। मान्यता अनुसार महाभारत युद्ध 3137 ईपू में हुआ और कलयुग का आरंभ इस युद्ध के 35 वर्ष पश्चात श्री कृष्ण जी के निधन पर हुआ।
वेद पुराणों में सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग का उल्लेख हैं। सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग में भगवान ने अवतार लिए एवं लोक कल्याण के लिए धरती का उद्धार किया और पाप का नाश किया। किंतु कलयुग में तो केवल अहंकार , ईर्ष्या, बुराई, लालच, पाप और वासना ही दिखाई देती हैं ।
कलयुग एक श्रेष्ठ समय परमात्मा प्राप्ति के लिए
वर्तमान समय मे कई सामाजिक कुरीतिया घर कर चुकी है । यह सब मन अर्थात काल करवाता है । कुरीतिया जैसे- चोरी, ठगी, दहेज लेना, नशा करना,ईर्ष्या और द्वेश भाव रखना , नाच गाने, सिनेमा देखना , नैतिकता का अभाव , यौन उत्पीड़न की घटनाएं इत्यादि चरम सीमा पर हैं । इसके बावजूद इसी युग मे एक महापुरुष के सानिध्य मेंं कुरीतियां खत्म हो जााएगी । क्योकि काल ब्रह्म ने परमेश्वर कबीर से वचन लिया था की तीनो यूूग ( सतयुग ,त्रेता, द्वापर) में जीव थोड़े ले जाना और कलयुग में चाहे जीतने जीव पार करना। सारा विश्व , समाज मे व्याप्त बुराइयों को त्यागकर शास्त्र अनुकूल साधना अपनाकर पूर्ण परमात्मा की पहचान करते हुए रामराज्य स्थापित होगा।
कलयुग में सतयुग
आखिर कौंन है वह महापुरुष जिनके ज्ञान से कलयुग में सतयुग आएगा?
वर्तमान समय मे वह महापुरुष संत रामपाल जी महाराज ही हैै। विश्व मे केवल वही एकमात्र संत हैं जो सभी धर्म ग्रथों ( गीता, बाइबल, कुरान ,ऋग्वेद, यजुर्वेद, कबीर सागर, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी) मे प्रमाणित साधना वीधिवत बताते हैं। संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से ही समाज मे फैली कुरीतियों का अंत होगा, बुराइयां मिट जाएगी और सतयुग जैसा माहौल होगा। इस तरह कलयुग में सतयुग आएगा संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में।
अधिक जानकारी के लिए देखे साधना tv 7:30 pm से। https://youtu.be/c7AzivKe8f8
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