मांस खाना महापाप हैं
मांस खाना अल्लाह/प्रभु का आदेश नही हैं।
मांस खाना महापाप हैं।
एक तरफ आप भक्ति करते हो , और दूसरी तरफ आप बेजुबान निर्दोष जानवरो की हत्या कर उनका मांस खाते हो। सभी जीव परमात्मा की प्यारी आत्मा हैं , तो फिर मांस खाने से परमात्मा प्राप्ति कैसे हो सकती हैं? सोचिए
परमेश्वर कबीर साहेब जी कहते हैं कि -
गरीब , जीव हिंसा जो करते हैं, या आगे क्या पाप।
कंटक जूनि जिहांन में , सिंह भेड़िया और सांप।
जो जीव हिंसा करते हैं उससे बड़ा पाप नही हैं ।
जीव हत्या करने वाले करोड़ो जन्म शेर , भेड़िया व सांप के पाते हैं।
परमात्मा का आदेश नही हैं मांस खाना।
जो व्यक्ति मांस खाते हैं , महापाप के भागी है वे घोर नरक में गिरेंगे।


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